सूरत के एक हिराव्यापारी ने 600 कर्मचारीयों को cars दिवाली गिफ्ट में और साथ ही मकान गिफ्ट में दीया है |PM श्री नरेन्द्रमोदी ने विडियो कॉन्फ्रेंस की मदद से कर्मचारीयो को बधाई दी है |
हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के चेयरमैन सावजी भांजी ढोलकिया की सफलता की कहानी किसी सपने के सच होने जेसा है|गुजरात के अमरेली में एक किसान परिवार में पैदा हुए सावजी को महज 13 साल की उम्र में पढ़ाई छोडनी पड़ी, घर में पैसों की तंगी थी आप अपने चाचा के डायमंड कारोबार में हाथ बढाने के लिए आ गए|
साल १९८४ में भाइयों के साथ मिलकर डायमंड का कारोबार शुरू किया| साल १९९२ में हरे कृष्ण export की नीव रखी|शुरूआती कुछ सालो में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और आपने शुरूआती 5 सालो तक खुद ही dimond को पोलिश भी किया|लेकिन धीरे-धीरे सफलता की नई बुलंदियों को छूते रहे ये उनकी मेहनत का ही नतीजा है देशभर में उनके 480 डिस्ट्रीब्यूटर और ६५०० रिटेल आउटलेट्स है|आपकी कंपनी करीब 50 देशों में डायमंड एक्सपोर्ट भी करती है|
जो एम्प्लोयी मेरे यहाँ काम करते है वो काम पहले मेने 10 साल तक किया है अभी बात करता हूं तो एक ही मिनट में मेरे को पता चल जाता है किसमें कितना दम है और ज्यादा सोचना नहीं पड़ता और हर कोई का इंटरव्यू हम लोग लेते हैं हमारे काम का कौन है कितना स्किल है क्योंकि मैंने प्रैक्टिकली किया है इसलिए 1 मिनट में हम लोग पता कर लेते हैं और 90% हम फेल नही होते हैं जो हमने अंदाजा लगाया की यह कर सकते हैं तो वह करके दिखाते हैं|
वैसे तो हमारे रूल्स ही बहुत कड़क है और वही आदमी follow कर सकता है जो फेमिलिअर होते है|
सवजी ढोलकिया कि कंपनी में काम करने के लिए कुछ शर्ते है जिसमे
- पहली शर्त यह है की वह गुटका और तम्बाकू नही खता हो |
- जब भी काम पर आये तो हल्मेट युस करना है|
- एक भी बार जुट न बोले |
इनकी कंपनी में बॉम्बे और सूरत के कर्मचारी मिलाकर ७५०० है | सावजी ढोलकिया के रोल मोडल उनके चाचाजी है जिनका भी बहुत बड़ा राधेकृष्ण export नाम से बिज़नस है और वह भी इनके competitor है |इसके आलावा सावजी ढोलकिया ने अपने कर्मचारीयो को 30 करोड़ का तोहफा तथा मकान गिफ्ट में दिया है|किसी कार की कीमत 4.5लाख तो किसी की 5.5 लाख|
सावजी ढोलकिया का मानना है की एसा करने से उनके एम्प्लोयी का company पर विश्वास बढेगा तथा वह और ईमानदारी से कम करेंगे |

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